Surya Grahan 2026
Surya Grahan 2024: सूर्य ग्रहण क्या है ?और इसका भारत में क्या असर पड़ेगा ?साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण अब 17 फरवरी 2026 को लगेगा।
ज्योतिष गणित के अनुसार इसका असर भारतियों पर नहीं पड़ेगा। वैसे इस दिन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातों को यहाँ बताया गया है जिसके बारे में जानना हम सभी के लिए बहुत जरूरी है। तो चलिए शुरू करते हैं
कल यानि 8 अप्रैल, 2024 को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगने वाला है। यह चैत्र नवरात्र की प्रारम्भ से एक दिन पहले सोमवती अमावस्या पर लगेगा। यह इस वर्ष का प्रथम सूर्य ग्रहण लगेगा इसलिए हर कोई इसके बारे में जानने की इच्छा रख रहा है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्यग्रहण के समय लोगों को ज्यादा से ज्यादा मानसिक जाप (अपने इष्ट देव को मानता हो करना चाहिए, हिंदू धर्म में यह मान्यता है , की ऐसे समय में किसी भी देवी या देवता को स्पर्श नहीं करना चाहिए। हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि इस ग्रहण का असर भारत पर नहीं पड़ेगा ।
इस बार का सूर्य ग्रहण भारत में मान्य होगा या नहीं ?

इस साल 2024 का पहला सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा । मतलब कि इस ग्रहण का देश दुनिया पर किसी भी तरह से आध्यात्मिक और धर्म से सम्बंधित कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा ।
ज्योतिष की मान्यता के अनुसार तो इस दिन भारत में रोज जैसा सब कुछ सामान्य ही रहेगा , ऐसा कहा जाता है कि ग्रहण के प्रभाव उस जगह पर पड़ते है, जहां वह दिखाई पड़ता है।
2026 के सूर्य ग्रहण का समय
अब अगला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लगेगा।
सूर्य ग्रहण क्या होता है ?
चंद्रमा जब सूर्य के सामने से होकर गुजरता है और उसे पूरी तरह से आच्छादित कर देता है, तो यह हमारे ग्रह (पृथ्वी )पर एक छाया डालता है जिससे कारण दिन का समय रात में परिवर्तित हो जाता है।
आखिर इस असाधारण घटना की वजय क्या है?
जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के मध्य से गुजरता है, तब सूर्य ग्रहण होता है जिससे चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है। ऐसा कदचित ही होता है, क्योंकि चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी की तरह अपने कक्ष में परिक्रमा नहीं करता है। सूर्य ग्रहण दिखाई देने के लिए दो घटनाओ का एक साथ घटित होना जरूरी है: जैसे की सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी का एक सीधी रेखा में होना , चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के मध्य में होना चाहिए;
सूर्य ग्रहण के दौरान इन सामान्य बातों का ध्यान रखे जो मान्यताएं है

1.किसी भी भगवान की तस्वीर को हाथ न लगाएं।
2.जब सूर्य ग्रहण हो रहा हो तब भोजन न करें।
3.कैसा भी नया कार्य प्रारम्भ न करें।
4.ग्रहण के पश्चात स्नान करना और फिर विधि के अनुसार पूजा करें।
5.अगर देखना हो, तो Black Goggle की मदद ले सकते हैं। खुली आंखों से ग्रहण को न देखें,
6.घर के सभी खिड़की या दरवाजे बंद कर दें और पर्दे गिरा दें जिससे इसकी किरणों का घर के अंदर प्रवेश ना हो सकें।
7.गर्भवती महिलाएं घर के बाहर न जाएँ ।
8.गर्भवती महिलाएं कोई भी धार दार चीज जैसे – कैंची, चाकू, ब्लेड इत्यादि का इस्तेमाल बिलकुल न करें, इससे बच्चे के अंग विकृत होने की सम्भावना रहती है।
9.किसी भी धार्मिक वेद मंत्र श्लोक या अपने आराध्य (इष्ट देव )का मानसिक ध्यान करें।
10.ग्रहण से पहले ही खाने पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डाल दें।
11.गर्भवती स्त्री बीमार लोग व छोटे बच्चे भूख लगने की स्थिति में कुछ फल आदि खा सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे उन चीजों में पहले से तुलसी पत्र डाला गया हो।
12.गर्भवती महिलाएं इस समय भगवान श्री कृष्ण का ध्यान करें और अपने पास नारियल रखें।
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Surya Grahan FAQ

सवाल:-सूर्य ग्रहण क्या है?
जवाब:-सूर्य ग्रहण वह समय है जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढँक लेता है।
सवाल:-सूर्य ग्रहण कितने प्रकार का होता है?
जवाब:-सूर्य ग्रहण दो प्रकार का होता है: पूर्ण सूर्य ग्रहण और अंशिक सूर्य ग्रहण।
सवाल:-सूर्य ग्रहण क्यों होता है?
जवाब:-चंद्रमा धरती और सूर्य के बीच आ जाता है, सूर्य ग्रहण जब होता है
सवाल:-सूर्य ग्रहण कब होता है?
जवाब:-सूर्य ग्रहण तब होता है जब सूर्य, चंद्रमा और धरती एक सीधी रेखा पर आते हैं।
सवाल:-सूर्य ग्रहण का अवधि कितनी होती है?
जवाब:-सूर्य ग्रहण की अवधि कुछ मिनट से कुछ घंटे तक हो सकती है,
सवाल:-सूर्य ग्रहण के दौरान क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए?
जवाब:-सूर्य ग्रहण के दौरान सीधे सूर्य को देखने से नुकसान हो सकता है, इसलिए इस समय न सूर्य को देखना चाहिए और अपनी आंखें सुरक्षित रखनी चाहिए।
सवाल:-सूर्य ग्रहण के दिन क्या क्या करें और क्या न करें?
जवाब:-सूर्य ग्रहण के दौरान अध्ययन, पूजा-अर्चना आदि करें भोजन न करें।
सवाल:-सूर्य ग्रहण के पहले और बाद क्या करें?
जवाब:-सूर्य ग्रहण के पहले और बाद पूजा-पाठ, ध्यान और मन्त्र जप करें और अपने घर की पूजा-अर्चना में विशेष ध्यान दें।
निष्कर्ष :-
सूर्य ग्रहण को लेकर सबकी अपनी अपनी अलग अलग धार्मिक मान्यताएं हो सकती हैं ,सबके लिए इसके मायने भिन्न है , कोई इसे केवल एक भौगोलिक घटना मानता है , तो कोई इसे पृथ्वी पर घोर संकट मानता है ।
इस बारे में आपकी क्या धारणाएं है , कमेंट करके बताएं आपको इस आर्टिकल के माध्यम से दी गयी जानकारी कैसी हम आशा करते है आपको जानकारी पसंद आयी होगी धन्यवाद।





