Chat-Gpt and Suicide
Chat-Gpt and Suicide : यह बहुत गंभीर और दुखद बात है कि कुछ लोग ChatGPT या अन्य AI टूल्स से आइडिया लेकर आत्महत्या (suicide) करने की कोशिश कर रहे हैं या कर चुके हैं। इसके पीछे कई मानसिक, सामाजिक और तकनीकी कारण हैं। इसे सरल शब्दों में समझिये। जैसे
1 मानसिक तनाव और अकेलापन
आजकल बहुत से लोग तनाव, डिप्रेशन, आर्थिक परेशानी, रिश्तों की समस्या, या अकेलेपन से जूझ रहे हैं।
जब उन्हें इंसानों से सहारा नहीं मिलता, तो वे AI से बात करने लगते हैं, और कभी-कभी उसे एक भरोसेमंद दोस्त समझने लगते हैं।
2. गलत उपयोग या गलत सलाह
कुछ लोग ChatGPT या किसी AI से पूछते हैं –
“मैं मरना चाहता हूँ, कैसे मरूँ?”
AI मॉडल ऐसे सवालों का सही जवाब नहीं देता, बल्कि मदद करने या रोकने की कोशिश करता है, लेकिन फिर भी कुछ टेक्निकल या हैकिंग तरीकों से लोग गलत जानकारी निकालने की कोशिश करते हैं।
3. मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी
भारत जैसे देशों में अभी भी मानसिक स्वास्थ्य (mental health) को लेकर जागरूकता कम है।
लोग डॉक्टर या काउंसलर से बात करने में शर्म या डर महसूस करते हैं। इसलिए वे AI की ओर मुड़ जाते हैं, जो बिना जज किए सुनता है — लेकिन AI इंसान नहीं होता, वह भावनाओं को असली तरह से नहीं समझ सकता।
4. AI की सीमाएँ
ChatGPT जैसी तकनीकें भावनात्मक रूप से जुड़ाव या सही थेरेपी नहीं दे सकतीं।
कभी-कभी व्यक्ति की बातों को AI गलत तरीके से समझ लेता है, जिससे व्यक्ति को और ज्यादा निराशा हो सकती है।
5. समाधान क्या है?
यदि कोई उदास या डिप्रेशन में है — AI से नहीं, इंसान से बात करें।
परिवार, दोस्त या काउंसलर से बात करना ज़रूरी है।
भारत में Mental Health Helpline “KIRAN” (1800-599-0019) या AASRA (91-9820466726) जैसी सेवाएँ 24 घंटे मुफ्त मदद देती हैं।
याद रखें, हर समस्या का हल है, आत्महत्या किसी का समाधान नहीं।





