Ashwamit Gautam
Ashwamit Gautam: 14 साल की उम्र में व्लॉगिंग के माध्यम से देश में तर्क के आधार पर बात करने वाला में उभरता डिजिटल कंटेंट क्रेटर बन चूका है
आज के डिजिटल युग में उम्र सफलता की सीमा नहीं रही। अगर जुनून, सीखने की चाह और मेहनत हो, तो कम उम्र में भी बड़ी पहचान बनाई जा सकती है। इसी बात का जीता-जागता उदाहरण हैं Ashwamit Gautam, जो मात्र 14 वर्ष की उम्र में एक उभरते हुए व्लॉगर के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं।
शुरुआती परिचय
Ashwamit Gautam एक ऐसे युवा कंटेंट क्रिएटर हैं जिन्होंने कम उम्र में ही कैमरे के सामने आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखना सीख लिया। वे अपने व्लॉग्स के माध्यम से डेली लाइफ, फन मोमेंट्स, ट्रैवल, स्कूल लाइफ, फैमिली टाइम और मोटिवेशनल सोच को दर्शकों तक पहुँचाते हैं। उनकी सबसे बड़ी खासियत है—नेचुरल अंदाज़ और सच्चाई।
व्लॉगिंग की शुरुआत कैसे हुई
Ashwamit को शुरू से ही मोबाइल और कैमरे में दिलचस्पी थी। वे दूसरों के वीडियो देखकर सोचते थे कि “मैं भी ऐसा कर सकता हूँ।” धीरे-धीरे उन्होंने छोटे-छोटे वीडियो बनाना शुरू किया और उन्हें YouTube जैसे प्लेटफॉर्म पर डालना शुरू किया।
शुरुआत में वीडियो साधारण थे—घर के आसपास की बातें, दोस्तों के साथ मस्ती, स्कूल के बाद के पल। लेकिन यही सादगी लोगों को पसंद आने लगी।
कंटेंट की खासियत
Ashwamit Gautam के व्लॉग्स में जो बातें उन्हें अलग बनाती हैं, वे हैं:
रियल लाइफ कंटेंट – बनावटीपन नहीं
पॉजिटिव सोच – हर वीडियो में कुछ सीख
बच्चों और टीनएजर्स से जुड़ा कंटेंट
नेचुरल एक्सप्रेशन और सच्ची मुस्कान
उनके वीडियो देखकर ऐसा लगता है जैसे कोई अपना दोस्त आपसे बात कर रहा हो।
पढ़ाई और व्लॉगिंग में संतुलन
Ashwamit सिर्फ व्लॉगर ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार छात्र भी हैं। वे अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता देते हैं और खाली समय में ही वीडियो बनाते हैं। यह बात उन्हें अन्य बच्चों के लिए एक अच्छा रोल मॉडल बनाती है।
उनका मानना है कि:
“शिक्षा ज़रूरी है, और शौक को सही समय पर पूरा करना समझदारी है।”
परिवार का सहयोग
किसी भी बच्चे की सफलता के पीछे परिवार का सहयोग बहुत अहम होता है। Ashwamit Gautam को भी अपने माता-पिता और परिवार से पूरा सपोर्ट मिलता है।
परिवार उन्हें सही-गलत की समझ देता है, कंटेंट को लेकर गाइड करता है और हमेशा मोटिवेट करता है।
सोशल मीडिया पर मौजूदगी
Ashwamit सिर्फ YouTube तक सीमित नहीं हैं। वे Instagram जैसे प्लेटफॉर्म पर भी एक्टिव रहते हैं, जहाँ वे:
शॉर्ट वीडियो
रील्स
डेली लाइफ अपडेट
मोटिवेशनल लाइन्स
शेयर करते हैं। इससे उनकी ऑडियंस और तेजी से बढ़ रही है।
चुनौतियाँ और सीख
कम उम्र में व्लॉगिंग आसान नहीं होती। Ashwamit को भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा:
कैमरे से झिझक
नेगेटिव कमेंट्स
टेक्निकल दिक्कतें
वीडियो पर कम व्यूज़
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लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। हर गलती से सीख लेकर खुद को बेहतर बनाया।
Ashwamit Gautam से मिलने वाली प्रेरणा
उनकी कहानी हमें यह सिखाती है कि:
उम्र कभी बाधा नहीं होती शुरुआत छोटी हो सकती है, सोच बड़ी होनी चाहिए लगातार मेहनत से सफलता ज़रूर मिलती है खुद पर भरोसा सबसे ज़रूरी है
भविष्य के सपने
Ashwamit Gautam का सपना है कि वे आगे चलकर:
एक सफल प्रोफेशनल व्लॉगर बनें लोगो में जागरूकता फैलाये
लोगों को पॉजिटिव सोच दें
बच्चों और युवाओं को डिजिटल दुनिया में सही दिशा दिखाएँ
अपने माता-पिता का नाम रोशन करें
बच्चों और माता-पिता के लिए संदेश
Ashwamit का मानना है कि अगर बच्चे सही गाइडेंस में डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करें, तो यह उनके भविष्य के लिए वरदान बन सकता है।
माता-पिता के लिए संदेश: बच्चों के सपनों को समझें, उन्हें रोकें नहीं—सही दिशा दें।
निष्कर्ष
Ashwamit Gautam की कहानी उन हज़ारों बच्चों के लिए प्रेरणा है जो कुछ अलग करना चाहते हैं लेकिन डरते हैं। 14 साल की उम्र में व्लॉगिंग शुरू कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि सपने देखने की कोई उम्र नहीं होती।
अगर वे इसी लगन और अनुशासन के साथ आगे बढ़ते रहे, तो आने वाले समय में Ashwamit Gautam व्लॉगिंग की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम बन सकते हैं।





